मस्त

मस्त मौला, मस्त फकीरी, मस्ती में ही जीना

रोजा, सावन, ईद, दीवाली, रब जो जो जब जब दीना

मस्त मौला, मस्त फकीरी, मस्ती में ही जीना

 

शहद सी मीठी जिंदगी,कभी कड़वाहट की प्याली

दो हाथो से लुटे अमीरी, कभी जेबे हो सब खाली

घट घट से मिले जो भी, घूंट घूंट भर पीना

मस्त मौला, मस्त फकीरी, मस्ती में ही जीना

 

मस्त मौला, मस्त फकीरी, मस्ती में ही जीना

रोजा, सावन, ईद, दीवाली, रब जो जो जब जब दीना

मस्त मौला, मस्त फकीरी, मस्ती में ही जीना


 

Comments

Popular posts from this blog

बातें

सोचा हैं कभी?

कैद