सोचा हैं कभी?

 

घट रहे थे या बढ़ रहे थे, सोचा हैं कभी?

किसकी लड़ाई लड़ रहे थे? सोचा हैं कभी?

 

चढ़ना तो मुश्किल था, उतरना और कठिन

ये कैसे पहाड़ चढ़ रहे थे? सोचा हैं कभी?

 

गाय और भाई, दोनों ही तो मरे थे ना!

तेरे आंसू क्यों पड़ रहे थे? सोचा हैं कभी?

 

शराफ़त का ताल्लुक तो समजदारी से हैं

फिर तुम क्यों अकड़ रहे थे? सोचा हैं कभी?


उम्र के साथ बदलाव तो लाजमी हैं, अजब

पक रहे थे की सड़ रहे थे? सोचा हैं कभी?

 

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