बातें
सब की बातें, रब की बातें
अब की, तब की,
न जाने कब की बातें
अंदर की और बाहर की बातें
बहुत ही बेकार की बातें
सार्थक हो वो सार की बातें
इस की, उस की,
न जाने किस की बातें
नापसंद परेशानियों की बातें
पाठ पढ़ाती नादानियों की बातें
संभलने वाली सावधानियों की बातें
यहाँ की, वहा की,
न जाने कहा की बातें
पीतल और सोने की बातें
पाने और खोने की बातें
हंसने और रोने की बातें
ऐसे और वैसे की बातें
न जाने कैसे की बातें
मीठे कड़वे स्वाद की बातें
वाद और विवाद की बातें
कोलाहल के शोरो में
चुपके से हुए संवाद की बातें
मुंह से निकले स्वर की बातें
निशब्द कविवर की बातें
बातें
Refreshing!
ReplyDeletebeautiful words..
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