औरत

 

मा, बेटी, बहेन या बीवी, किरदारों का सन्मान भी हूँ

वजूद मत भूलना मेरा, एक नाम वाला इन्सान भी हूँ

 

काम, बच्चे, लकड़ी, पानी, चूल्हा, बर्तन, और बिस्तर भी

बिन मन्नत देता ही रहता, चलता फिरता भगवान भी हूँ

 

अपनी चौखट को छोड़ तेरी दहलीज पे जबसे आयी हूँ

माइके और ससुराल दोनोंकी मेहमान हूँ मेजबान भी हूँ

 

घर, गाव की इज्जत आबरू, सब तेरा बनाया खेल हैं

सोच, जरूरत, और खुदकी उम्मीदों का अभिमान भी हूँ

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