यह दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या हैं ?

यह मोहरे के चेहरे

यह चहरे पे मोहरे

यह चहेरो की दुनिया

यह मोहरो की दुनिया

ये मोहरा अगर गिर भी जाए तो क्या हैं ?

यह चेहरा अगर दिख भी जाए तो क्या हैं

यह दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या हैं ?

 

खुद से ही प्यार जताती ये दुनिया

खुद ही से नफरत कराती ये दुनिया

खुद को ही न हो दीदार खुद का

खुद पे ही पहरे लगाती ये दुनिया

यह पहरा अगर हट भी जाए तो क्या हैं?

अहं का अहम घट भी जाए तो क्या हैं?

यह दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या हैं ?

यह दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या हैं ?

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