चलता फिरता बम्बई

 भागता रहता फिर भी खातिरदारी करता बम्बई

 अपने पे ही अफ़साना निगारी करता बम्बई

चलता फिरता बम्बई, ये चलता फिरता बम्बई

 

खाना खाता, गुसल करता आम आम सा बम्बई 

शराब पीता, जख मारता खास खास सा  बम्बई

 चलता फिरता बम्बई, ये चलता फिरता बम्बई

 

 रात रात भर जाग जागके हांफता रहता बम्बई

 थकहार के सुबह सुबह् को झपकी लेता बम्बई

 चलता फिरता बम्बई, ये चलता फिरता बम्बई

 

अन्जनोसे प्यार जता के प्यार बढाता बम्बई

 लाखों खो के, एक दो के चार बनाता बम्बई

चलता फिरता बम्बई, ये चलता फिरता बम्बई

 

 भाव खाता, भाव दिखाता, भाव लगाता बम्बई

 तेज भागता गिरता पड़ता और संभलता बम्बई

चलता फिरता बम्बई, ये चलता फिरता बम्बई

 

 

लेता-देता, पाता-खोता, सपने बेचता बम्बई

 सपने को पाने मे यूं ही अपने बेचता बम्बई

 चलता फिरता बम्बई, ये चलता फिरता बम्बई

 

 सवाल पूछता, जवाब देता, राज खोलता बम्बई

 कल की यादमे आनेवाला आज खोजता बम्बई

चलता फिरता बम्बई, ये चलता फिरता बम्बई

 

 खाली दिलसा भरी जेबसा उल्टा पुल्टा बम्बई

 चलता फिरता बम्बई, चलता फिरता बम्बई

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